• अनंत राधिका की 5 हजार करोड़ की शादी के बाद कुमार विश्वास की बेटी की शादी भी सुखियों में आई
• गरीब परिवारों को बेटा बेटी के धनवान दूल्हा दुल्हन महंगी शादी कर बना रहे दुनिया में रिकॉर्ड
• अनंत राधिका की 5 हजार करोड़ की शादी के बाद कुमार विश्वास की बेटी की शादी भी सुखियों में आई
• गरीब परिवारों को बेटा बेटी के हाथ पीले करने को लेना पड़ता है कर्ज
ओमप्रकाश गौतम | गढ़मुक्तेश्वर
सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत देश की आजादी के बाद गांव की बेटी सबकी बेटी का सब मिलकर ब्याह करते थे। बारात तीन दिन रुकती थी। बारात के लिए चारपाई और बिछाने के कपड़े घरों से एकत्र किए जाते थे। बारात सहित गांव वालों की चूल्हे नोट दावत होती थी।बारात का नाश्ता खाना सब मिलकर बनाते तथा बारात को चावल दाल सब्जी नाई बनाता था तथा महिलाएं अपने अपने घरों में रोटी बनाती थी। शुद्ध देशी घी, दही मुंह छूट मिलता था। समय बदला तरक्की हुई तो परिवारों के संस्कार कमजोर हुए।

▪︎ महंगी शादी कर बनाए रिकॉड
गरीब और अमीर की खाई बढ़ रही हैं जो लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ संदेश नहीं हैं। जब तक पिछली पंक्ति में खड़े की तरक्की नहीं होगी देश का विकास बेमानी होगा। अंबानी परिवार ने दुनिया में अपना रुतबा बनाया। अनंत अंबानी और राधिका की शादी में 5 हजार करोड़ खर्च कर देश ओर दुनिया की हस्ती शादी में शामिल हुई। कामना है अन्नत अंबानी राधिका का दाम्पत्य जीवन सुखीमय रहे। इसके बाद कवि कुमार विश्वास की बेटी की शादी ने भी अपना रिकॉर्ड बनाया। देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री उप राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति समेत जानी मानी हस्तियों ने शादी में रौनक बढ़ाई।
▪︎ हेलीकॉप्टर में दुल्हन लाना भी शुरू हुआ
शादी बारात में खर्च की अब कोई सीमा नहीं हैं। दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लाने का रिवाज शुरू हो चुका हैं। वहीं समाज सेवी सांसद एनजीओ चलाकर गरीब परिवारों के बेटा बेटी की शादी कराते है।
▪︎ महा पुरुषों के आदर्श हुए दरकिनार
शिरोमणि संत रविदास, महात्मा गौतम बुद्ध, डॉ बीआर अंबेडकर, महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, ने समाज की समानता के लिए जीवन भर संघर्ष किया। हाथ पीले करने को लेना पड़ता है कर्ज सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत देश की आजादी के बाद गांव की बेटी सबकी बेटी का सब मिलकर ब्याह करते थे। बारात तीन दिन रुकती थी। बारात के लिए चारपाई और बिछाने के कपड़े घरों से एकत्र किए जाते थे। बारात सहित गांव वालों की चूल्हे नोट दावत होती थी।बारात का नाश्ता खाना सब मिलकर बनाते तथा बारात को चावल दाल सब्जी नाई बनाता था तथा महिलाएं अपने अपने घरों में रोटी बनाती थी। शुद्ध देशी घी,दही मुंह छूट मिलता था। समय बदला तरक्की हुई तो परिवारों के संस्कार कमजोर हुए।
▪︎ हेलीकॉप्टर में दुल्हन लाना भी शुरू हुआ
शादी बारात में खर्च की अब कोई सीमा नहीं हैं। दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लाने का रिवाज शुरू हो चुका हैं। वहीं समाज सेवी सांसद एनजीओ चलाकर गरीब परिवारों के बेटा बेटी की शादी कराते है।
▪︎ महा पुरुषों के आदर्श हुए दरकिनार
शिरोमणि संत रविदास, महात्मा गौतम बुद्ध, डॉ बीआर अंबेडकर, महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, ने समाज की समानता के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
