सभी धर्मों के पर्व समाज जोड़ने और भाई चारा, सद्भाव का देते हुए संदेश

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• दिवाली, होली हो या ईद सब आपस में मिलकर मनाते हैं यही हैं भारतीय संस्कृति
• दिवाली पर मुस्लिमों के घरों में हिंदू पहुंचाते है मिठाई
• कावड़ मेला में शिवभक्तों के जख्मों पर मुस्लिम लगाते हैं मरहम

ओम प्रकाश गौतम | गढ़मुक्तेश्वर

भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से सभी धर्मों ने समाज को जोड़ने और भाई चारा सद्भाव का संदेश दिया हैं। दिवाली होली हो या ईद सब आपस में मिलकर मनाते आ रहे है। दिवाली पर हिंदू भाई मुस्लिमों के घर मिठाई पहुंचाते हैं तो ईद पर मुस्लिमों के घर सवाई का स्वाद लेते हैं। इसके बावजूद कुछ अलगाववादी आपस में बांटने से भी पीछे नहीं रहे हैं। कावड़ मेला के मौके पर शिव भक्तों के घाव पर मुस्लिम मरहम लगाते आसानी से देखे जा सकते हैं।

यही समाज की एकता भाई चारे के साथ समाज के सद्भाव का संदेश देते हैं। फ़िर्का परस्ती अलगाव सोच के उत्पाद मचाने वालों का कोई धर्म जाति नहीं होती है। जैसे अपराधी की कोई जात धर्म नहीं होता हैं वह तो केवल अपराधी होता है। पुलिस कानून का पालन कराकर जनता की सुरक्षा का दायित्व को निभाती हैं।

एक दूसरे को समर्पित भाजपा का वरिष्ठ नेता समाज सेवी दिनेश गर्ग सोनू पंसारी दीपक गर्ग और आश मोहम्मद आशु एक दूसरे के लिए हर समय तैयार रहते है। सभी काम आसपास में मिलकर एक दूसरे को सहयोग देते हैं। यही भारतीय संस्कृति और परम्परा हैं जिसे पूरी दुनिया में जाना माना जाता है।

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