सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर, सिस्टम मोन

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• कोटला की प्राकृतिक झील पर कब्जे
• नगर पालिका की सरकारी जमीन पर भूमाफियों ने एक बार फिर किए अवैध कब्जे

ओमप्रकाश गौतम | गढ़मुक्तेश्वर

प्रदेश सरकार बेशक सरकारी जमीन से अवैध कब्जे मुक्त कराने का दावा कर रही हो मगर धरातल पर ठीक इसके विपरीत है। नगर पालिका की करोड़ो रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर भूमाफियों की नजर लगी हुईं हैं।

हाइवे 9 पर दो साल पहले तत्कालीन एसडीएम अरविंद द्विवेदी ने सरकारी जमीन पर बने विशाल भवन को ध्वस्त कर अवैध कब्जा मुक्त कराया था।

इतना ही नहीं मीरा रेती मार्ग पर भी सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई मगर फिर कब्जे शुरू हो गए और सरकारी बोर्ड भी हटा दिए गए।

नगर के पुरानी हापुड़ रोड पर अवैध कब्जे किए जाने की सूचना दी तो अनसुना कर दिया। सरकारी जमीन पर मिलीभगत कर कब्जे का सिलसिला तेजी के साथ किया गया।जिसे पर सिस्टम की मिलीभगत साफ नजर आई।

  • प्राकृतिक झील भी कब्जों में घिरी

कोटला खादर की प्राकृतिक झील सैंकड़ों बीघे में फैली हुई हैं झील से कई बार कब्जे हटाए जाने के बाद भी फसल लहरा रही हैं जिससे भूगर्भीय जल स्तर भी प्रभावित हो था हैं।

वन विभाग को तो अपनी सरकारी जमीन कितनी है कहा हैं जानकारी ही नहीं है। सरकारी जमीन पर भूमाफियों के कब्जे हैं।

नगर पालिका ईओ मुक्त सिंह का कहना हैं कि सरकारी जमीन पर कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे जमीन को जल्द कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

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